बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एमडी मराठे और ED गुप्ता के अधिकार छिने

सरकारी क्षेत्र के बैंक ऑफ महाराष्ट्र के निदेशक मंडल ने बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर आर. पी. मराठे और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आर. के. गुप्ता के अधिकार तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिए हैं। दोनों अधिकारियों को पुणो पुलिस की आर्थिक शाखा ने एक धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था। ये दोनों इस समय जमानत पर हैं। बोर्ड ने बैंक के सुचारु परिचालन के लिए सरकार से उपयुक्त व्यवस्था करने का अनुरोध किया है।

बैंक ने स्टॉक एक्सचेंजों को दी रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि बैंक के बोर्ड की बैठक शुक्रवार को संपन्न हुई। इसमें मराठे और गुप्ता के परिचालन संबंधी सभी अधिकार तत्काल प्रभाव से खत्म करने का फैसला किया। इसके साथ ही बैंक के बोर्ड ने तय किया है कि सुचारु परिचालन के लिए एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर ए. सी. राउत के पास बैंक के एमडी व सीईओ के अलावा दूसरे एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के अधिकार होंगे। पिछले सप्ताह पुलिस ने बैंक के इन दोनों शीर्ष अधिकारियों और कुछ अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार किया था।

डी. एस. कुलकर्णी और उनकी पत्नी हेमंती के खिलाफ की गई शिकायत के संबंध में ये गिरफ्तारियों हुई थीं। पुलिस ने सितंबर में कुलकर्णी दंपत्ति के खिलाफ 37,000 पेजों की चार्जशीट दाखिल की थी। चार्जशीट के अनुसार पूरा घोटाला 2043.18 करोड़ रुपये का था। आरोपारियों ने 33,000 निवेशकों और एफडी धारकों से जुटाया पैसा निकालने के लिए नौ अलग-अलग कंपनियां खोली थीं। निवेशकों को मोटे फायदे का झांसा देकर पैसा जमा करवाया गया था। इस मामले में बैंक के पूर्व चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर सुशील मुहनोत भी गिरफ्तार हुए थे। वे इस समय जमानत पर हैं।