अभय सेठ की सजा का मामला: 50 हजार वर्ग फीट जमीन के लिए हुई थी गोपाल की हत्या

पूर्व डिप्टी मेयर अभय सेठ और पूर्व पार्षद अशोक मिश्र ने 50 हजार वर्ग फीट जमीन पर कब्जा करने के लिए गोपाल की हत्या की साजिश रची थी। 26 फरवरी 1994 को गोपाल की चौधरी टोला अलीगंज में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अलीगंज पुलिस ने इसे मुठभेड़ दिखाया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को भेजे पत्र में गोपाल के पिता सतगुरु शरण मिश्र ने लिखा था कि उनकी पत्‍‌नी के सामने ही उनके बेटे को उठा लिया गया था। मूलरूप से इटावा के विधुना स्थित कुदरकोट गाव निवासी सतगुरु की प8ी गोपाल के साथ तब शेखुपुरा, अलीगंज में रहती थीं। शिकायती पत्र में सतगुरु ने लिखा था कि कानपुर से गोपाल राजधानी आकर रहने लगा था। इस दौरान उसकी मुलाकात अशोक से हुई थी, जिसे वह मामा कहकर बुलाता था। चौधरी टोला में स्थित नजूल की करीब 50 हजार वर्ग फीट की जमीन पर हाजरा बेगम नाम की महिला ने राजा राम मोहन राय मिशन के नाम से संस्था स्थापित की थी। उक्त मिशन असहाय महिलाओं के लिए काम करती थी। प्रार्थना पत्र के मुताबिक, गोपाल की मा संस्था की सक्रिय सदस्य थीं। अशोक उक्त जमीन रप कब्जा करना चाहता था, लेकिन गोपाल इसमें रोड़ा बनकर सामने आ गया। इसके बाद अलीगंज के तत्कालीन थाना प्रभारी डीडीएस राठौर से मिलकर अशोक ने हत्या की योजना बनाई। घर से लाकर रख दिया था अवैध असलहा:

गोपाल की जब हत्या हुई तब वह हाजरा बेग की बहन मोहसिन के घर पर मा के साथ बैठा था। इसी बीच अशोक और पुलिस टीम ने उसपर धावा बोल दिया था। गोपाल को घर से खींचकर बाहर ले जाकर ताबड़तोड़ गोलिया मारी गई थी। सतगुरु ने सीएम को भेजे पत्र में लिखा था कि अशोक ने अपने घर से अवैध असलहा लाकर उनके बेटे के शव के पास रख दिया था। मामले की सुनवाई में कुल 13 गवाह उपस्थित हुए थे। वर्तमान में गोपाल का परिवार चौधरी टोला अलीगंज में नहीं रहता है।अभय सेठ की सजा का मामला