बॉल टेंपरिंग मामले में बुरी तरह फंसे श्रीलंकाई कप्तान, खुद को बताया बेकसूर

श्रीलंका के कप्तान दिनेश चांदीमल ने खुद को बेकसूर बताते हुए आईसीसी द्वारा लगाए गए बॉल टेंपरिंग के आरोपों को खारिज कर दिया है। दरअसल, गत शुक्रवार को खेल के आखिरी सत्र का रिप्ले देखने के बाद आईसीसी ने कप्तान चांदीमल को बॉल टेंपरिंग मामले में आरोपी ठहराया था। 

गौरतलब है कि रिप्ले में दिखाया गया कि चांदीमल ने अपनी जेब से मिठाई निकाली और मुंह में डाल ली। इस दौरान उन्होंने गेंद पर कुछ कृत्रिम पदार्थ भी लगाया था। गौरतलब है कि वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच सैंट लूसिया में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन अंपायर अलीम दार और इयान गाउल्ड ने मेहमान टीम से गेंद को बदलने की मांग की क्योंकि अंपायर गेंद की स्थिति से संतुष्ट नहीं थे। अंपायर का कहना था कि मैच के दूसरे दिन गेंद की स्थिति में बदलाव किया गया था। गेंद बदलने की मांग से नाराज होकर श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने मैदान पर आने से इंकार कर दिया। जिसके बाद मैच रैफरी जवागल श्रीनाथ को खिलाड़ियों से बात करनी पड़ी। दो घंटे की बातचीत के बाद तीसरे दिन का खेल शुरू किया जा सका।

इसके बाद आईसीसी ने रविवार को एक बयान जारी कर कहा, ‘दिनेश चांदीमल ने कहा है कि वह आईसीसी की आचार संहिता की धारा 2.2.9 के उल्लंघन के दोषी नहीं है। मैच रैफरी जवागल श्रीनाथ मौजूदा टेस्ट के बाद मामले की सुनवाई करेंगे।’

मालूम हो कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच के दौरान बॉल से छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया था। जिसके बाद आईसीसी इसको लेकर काफी गंभीर हो गई है। इस मामले में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) ने अपने 3 क्रिकेटरों को सख्त सजा सुनाई थी। सीए ने कप्तान स्टीव स्मिथ और उपकप्तान डेविड वॉर्नर को एक-एक साल तो वहीं ऑस्ट्रेलियाई के युवा खिलाड़ी कैमरून बैनक्रॉफ्ट को 9 महीने का प्रतिबंध लगाया गया था।