तेजस्वी यादव का बड़ा बयान: बिहार में विकास का नहीं, अपराध का डबल इंजन लगा है

आरजेडी के नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि यह तो तय हो गया है कि बिहार में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है. हर मामले में राज्यपाल को हस्तक्षेप करना पड़ रहा है, तो समझ जाइए कितना गंभीर मसला है. तेजस्वी ने कहा कि हम तो धन्यवाद देते हैं महामहिम राज्यपाल का कि वो हर मसले को लेकर हस्तक्षेप करने का काम किया है. अच्छा तो तब होता जब हमारे चाचा नीतीश कुमार जी बोलते कि कोई भी बच्चा अगर परेशान हो तो 2:00 बजे रात को भी हमें फोन करें. मगर जो काम मुख्यमंत्री को करना चाहिए वह राज्यपाल कर रहे हैं.

तेजस्वी ने आगे कहा कि एक के बाद एक घटना घट रही है, मुजफ्फरपुर हो,नालंदा हो, जहानाबाद हो या गया हो बहुत ही दर्दनाक घटना है. नीतीश कुमार जी कहते थे कि रात में 12:00 बजे तक लड़कियां खुले में घूम सकती हैं. अब तो मां बाप के साथ भी बच्चियां सुरक्षित नहीं है. राज्यपाल जी को ही सारा काम देखना है, तो राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाए. पिछले साल जब से चोर दरवाजे से इनकी सरकार आई है डबल इंजन की, तब से तो अपराध में ही इंजन लगा हुआ है और क्राइम ग्राफ इतनी तेजी से बढ़ा है कि बिहार में सब कुछ विफल है.

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गृह मंत्रालय तो उनके अंडर में था, तो ऐसे लोगों को तो कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. दोषी को फांसी की सजा से कम नहीं होनी चाहिए. राज्य में तरह-तरह का कानून बनता है लेकिन लागू कौन करेगा, कोई पता नहीं. बिहार का प्रशासन पूरी तरह से फेल है इसमें ऐसे लोगों को कॉन्फिडेंस नहीं है. यह स्थिति आ गई है कि लोग सोचेंगे अपनी बच्चियों को बाहर भेजने से पहले कि वापस आएंगे कि नहीं आएंगे, अगर आएंगे भी तो किस हालत में आएंगे.

आरजेडी के नेताओं पर पीड़िता को प्रताड़ित करने के आरोप पर तेजस्वी ने कहा कि हम इसे कोई मुद्दा नहीं बना रहे हैं, और ना ही कोई पॉलिटिकल रूप दे रहे हैं. विपक्ष के होने के नाते अगर किसी को इंसाफ नहीं मिल रहा है तो हम लोगों ने कमेटी बनाई है वहां जाकर के देखें, लोगों को न्याय मिल रहा है. सरकार द्वारा  प्रशासन की अपनी विफलता विपक्ष पर थोपा जा रहा है.  इसमें सिर्फ राजनेता ही क्यों कई लोग जो मीडिया की बाइट लेने गए हैं, उनके लिए भी सवाल था. खास तौर पर मैंने जो क्लिप देखा है, उसमें उनका कहना था कि मैं मीडिया में नहीं बोलूंगी यह बात है तो क्या मीडिया वालों के प्रति भी सरकार एक्शन लेगी.

तेजस्वी ने आगे कहा कि जो सच्चाई है सच्चाई को उजागर करना समस्या का हल नहीं है. अगर राज्यपाल कह रहे हैं कि मुझे फोन करो तो इससे गंभीर मसला और क्या हो सकता है. यहां तो कई लोगों ने क्या-क्या बातें नहीं कही थीं, किस तरह से बनावट कर के आंसू पोछने लोग जाया करते थे. आज घर में डुबकी लगाकर वही लोग क्यों बैठे हुए हैं, हमें अच्छा लगता है जब नीतीश कुमार जाते हैं मिलते उनको सुनते हैं, तो शायद भरोसा जगता है. उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी तो हर जगह पहुंचे रहते थे, आज क्यों नहीं जा रहे हैं. वह क्या उनकी बच्ची नहीं है, बिहार के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की चुप्पी टूटती ही नहीं है इन मामलों में और वही लोग हैं जो जंगलराज को हवा देने में लगे हैं.